माया बहन जी की सेंडिल लेने विमान मुंबई जाता है. उधर जब बात नोटों की माला पहनने की आती है तो माया मैडम का जिक्र जरूर आता है. जब जिन्दा सुप्रीमो की मूर्ती बनवाने की बात होती है तब भी माया मैडम. माया की माया कौन जान सकता है, बहन जी आप से एक निवेदन है की इस बार जब भी आप अपना विमान मुंबई भेजें हमारे मठ्ल्लू को जरुर भेज दें उसे बिपासा जी को देखने का बहुत मन है. सुखिया इस के लिए आपकी आभारी रहेगी. आप इन मीडिया वालों से मत डरा करो इनकी तो आदत हो गयी है लोगों के कपडे उतारने की. जय हो.
'जीना यहां, मरना यहां', सालों से नावों में रह रहे हैं ये परिवार
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आंध्र प्रदेश के पोलावरम ज़िले के चिंतूर में सबरी नदी पर ये लोग नावों में
रहते हैं. जन्म से मौत तक ये नाव ही उनका घर है. इसके पीछे की क्या वजह है?
2 घंटे पहले











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