लखवी को जमानत मिलने का मतलब है कि पेशावर बाल संहार के दोषियों को उनके
पेरेंट्स ने माफ कर दिया है। क्या यह संभव है अगर नहीं तो क्या इसे यह समझा जाना चाहिए कि यह दुनियां के लिए एक संदेश है कि हमारी धरती पर कुछ भी हो आतंकवाद को लेकर हम अपना रवैया नहीं बदलेंगे। मासूमों के खून से सनी किताबें चीख - चीख कर कह रही हैं कि यह पन्ने तो सिर्फ पेटिंग बनाने के लिए हैं इन पर खून से यह अबूझ इबारत क्यों लिख डाली।
'जीना यहां, मरना यहां', सालों से नावों में रह रहे हैं ये परिवार
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आंध्र प्रदेश के पोलावरम ज़िले के चिंतूर में सबरी नदी पर ये लोग नावों में
रहते हैं. जन्म से मौत तक ये नाव ही उनका घर है. इसके पीछे की क्या वजह है?
2 घंटे पहले










