माया बहन जी की सेंडिल लेने विमान मुंबई जाता है. उधर जब बात नोटों की माला पहनने की आती है तो माया मैडम का जिक्र जरूर आता है. जब जिन्दा सुप्रीमो की मूर्ती बनवाने की बात होती है तब भी माया मैडम. माया की माया कौन जान सकता है, बहन जी आप से एक निवेदन है की इस बार जब भी आप अपना विमान मुंबई भेजें हमारे मठ्ल्लू को जरुर भेज दें उसे बिपासा जी को देखने का बहुत मन है. सुखिया इस के लिए आपकी आभारी रहेगी. आप इन मीडिया वालों से मत डरा करो इनकी तो आदत हो गयी है लोगों के कपडे उतारने की. जय हो.
'एक बार सुनने की क्षमता चली गई, तो वापस नहीं आती': कान की ताक़त को ऐसे बचाएं
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सुनने की क्षमता सिर्फ़ रॉकेट लॉन्च या डेथ मेटल कॉन्सर्ट जैसी बेहद तेज़
आवाज़ों से ही प्रभावित नहीं होती. रोज़मर्रा की कई गतिविधियां भी कानों को
नुक़सान पहु...
4 दिन पहले


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