माया बहन जी की सेंडिल लेने विमान मुंबई जाता है. उधर जब बात नोटों की माला पहनने की आती है तो माया मैडम का जिक्र जरूर आता है. जब जिन्दा सुप्रीमो की मूर्ती बनवाने की बात होती है तब भी माया मैडम. माया की माया कौन जान सकता है, बहन जी आप से एक निवेदन है की इस बार जब भी आप अपना विमान मुंबई भेजें हमारे मठ्ल्लू को जरुर भेज दें उसे बिपासा जी को देखने का बहुत मन है. सुखिया इस के लिए आपकी आभारी रहेगी. आप इन मीडिया वालों से मत डरा करो इनकी तो आदत हो गयी है लोगों के कपडे उतारने की. जय हो.
मक्का समझौता: अरब मीडिया क्या लिख रहा है, मिस्र के न होने पर क्यों उठ रहे
हैं सवाल
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बीते शुक्रवार को मक्का में पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के नेताओं ने एक
त्रिपक्षीय रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए. इसमें कहा गया है कि एक देश पर
हमला तीनों...
16 घंटे पहले

