लखवी को जमानत मिलने का मतलब है कि पेशावर बाल संहार के दोषियों को उनके
पेरेंट्स ने माफ कर दिया है। क्या यह संभव है अगर नहीं तो क्या इसे यह समझा जाना चाहिए कि यह दुनियां के लिए एक संदेश है कि हमारी धरती पर कुछ भी हो आतंकवाद को लेकर हम अपना रवैया नहीं बदलेंगे। मासूमों के खून से सनी किताबें चीख - चीख कर कह रही हैं कि यह पन्ने तो सिर्फ पेटिंग बनाने के लिए हैं इन पर खून से यह अबूझ इबारत क्यों लिख डाली।
मक्का समझौता: अरब मीडिया क्या लिख रहा है, मिस्र के न होने पर क्यों उठ रहे
हैं सवाल
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बीते शुक्रवार को मक्का में पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के नेताओं ने एक
त्रिपक्षीय रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए. इसमें कहा गया है कि एक देश पर
हमला तीनों...
16 घंटे पहले

