लखवी को जमानत मिलने का मतलब है कि पेशावर बाल संहार के दोषियों को उनके
पेरेंट्स ने माफ कर दिया है। क्या यह संभव है अगर नहीं तो क्या इसे यह समझा जाना चाहिए कि यह दुनियां के लिए एक संदेश है कि हमारी धरती पर कुछ भी हो आतंकवाद को लेकर हम अपना रवैया नहीं बदलेंगे। मासूमों के खून से सनी किताबें चीख - चीख कर कह रही हैं कि यह पन्ने तो सिर्फ पेटिंग बनाने के लिए हैं इन पर खून से यह अबूझ इबारत क्यों लिख डाली।
मिलिए मुंह में कलम दबाकर लिखने वाले फ़ैज़ानउल्ला से, जो बने 10वीं बोर्ड के
'टॉपर'
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सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित मोहम्मद फ़ैज़ानउल्ला 10वीं बोर्ड की परीक्षा में
93 फ़ीसदी अंक लाए हैं. इसमें बड़ी भूमिका उनके शिक्षक जितेंद्र कुमार भगत की
भी है.
2 दिन पहले

