मुझे मेरे सही गुरु से पहला साक्षात्कार बी ए के दौरान हुआ. एमए करते - करते उनका पूरा आशीर्वाद मेरे साथ रहा. डॉ. ओम प्रभाकर देश के जाने माने साहित्यकार तो है ही साथ ही मुझे एक गुरु के रूप में उनका सानिध्य भी मिला यह मेरा सौभाग्य रहा. गुरु जी मै फ़िलहाल आपके सम्पर्क में नहीं हूँ , लेकिन आप जहां भी रहें हजारों साल जियें एक शिष्य के रूप में ईश्वर से मेरी यही कामना है.
इंटरव्यू: सेबी के आदेश और 15 लाख करोड़ की कथित हेरा-फेरी पर क्या बोले राजेश
मेहता
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राजेश एक्सपोर्ट्स के प्रमोटर राजेश मेहता ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को सेबी के
आदेश, 15 लाख करोड़ की हेरा-फेरी और एलआईसी से जुड़े सवालों पर जवाब दिए.
21 घंटे पहले


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