लखवी को जमानत मिलने का मतलब है कि पेशावर बाल संहार के दोषियों को उनके
पेरेंट्स ने माफ कर दिया है। क्या यह संभव है अगर नहीं तो क्या इसे यह समझा जाना चाहिए कि यह दुनियां के लिए एक संदेश है कि हमारी धरती पर कुछ भी हो आतंकवाद को लेकर हम अपना रवैया नहीं बदलेंगे। मासूमों के खून से सनी किताबें चीख - चीख कर कह रही हैं कि यह पन्ने तो सिर्फ पेटिंग बनाने के लिए हैं इन पर खून से यह अबूझ इबारत क्यों लिख डाली।
काग़ज़ी पार्टियों को चंदाः बीबीसी की पड़ताल पर क्या बोले राजनीतिक दल और
विश्लेषक
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बीबीसी की रिपोर्ट सामने आने के बाद कई नेताओं ने जांच की मांग की. वहीं
राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर चुनाव आयोग की
भूमिका पर सव...
18 घंटे पहले

