| ग्वालियर दैनिक भास्कर से राज एक्सप्रेस में कूच कर गए कुछ लोगों से त्रस्त हो कर भास्कर ने कुछ और लोगों की छटनी करना शुरू कर दिया है. इस में कई महारथियों के चपेट में आने की संभावना है. वहीँ दूसरी और पत्रिका के ग्वालियर संस्करण के खतरे को भापते हुए भास्कर ग्वालियर ने गिफ्ट और कूपनबाज़ी के साथ -साथ मेन पावर को स्ट्रोंग करना भी शुरू कर दिया है. सब एडिटर इन दिनों पेज लगाने की ट्रेनिंग ले रहे हैं. उधर ग्वालियर शहर से चुनावी मेढ़क की तरह बाहर निकला एक दैनिक चुनाव ख़तम होते ही डूब रहा है. हम अपने मन से कुछ नहीं कहते लेकिन सुना है कि शहर का एक घायल अख़बार दम तोड़ने की कगार पर है. |
जब कश्मीर मुद्दे पर ईरान ने दिया था भारत का साथ, लेकिन क्या दोनों देशों के
संबंध दोस्ताना रहे हैं?
-
भारत की आज़ादी के बाद से अब तक ईरान के साथ उसके संबंधों में कई चढ़ाव-उतार
देखे गए. इसराइल-अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद भारत के रुख़ ने ईरान से साथ
उसके स...
4 घंटे पहले


1 टिप्पणी:
भैया ई मन्दी का असर है खाली कि मालिक लोग अपनी दुश्मनी निकाल रहे हैं?
और ई अपने शहर वाले आदित्याज़ की बात कर रहे है ना…तो कागज़ का कोटा बन्द हो गया क्या?ससुरे सूरज को आदित्याज कहेन्गे तो पाप लगबे करेगा!
एक टिप्पणी भेजें