हमारे सहयोगी लेखक मंतोष कुमार सिंह का विश्लेषण पूर्ण आलेख 'टीआरपी का धंधा' पढिएगा मीडिया तड़का पर। मीडिया से संबंधित खबरें और आलेख आप भी मीडिया तड़का के लिये singh.ashendra@gmail.com पर भेज सकते हैं।
'एक बार सुनने की क्षमता चली गई, तो वापस नहीं आती': कान की ताक़त को ऐसे बचाएं
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सुनने की क्षमता सिर्फ़ रॉकेट लॉन्च या डेथ मेटल कॉन्सर्ट जैसी बेहद तेज़
आवाज़ों से ही प्रभावित नहीं होती. रोज़मर्रा की कई गतिविधियां भी कानों को
नुक़सान पहु...
4 दिन पहले


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